न जाने क्यूं ,बेज़ुबान घुँघरू की बोली हमें कुछ जता रही थी। न जाने क्यूं ,बेज़ुबान घुँघरू की बोली हमें कुछ जता रही थी।
नदिया के बीच तुम्हारी बहनों के बड़े-बड़े मगरमच्छों के परिवार है! नदिया के बीच तुम्हारी बहनों के बड़े-बड़े मगरमच्छों के परिवार है!
एक दिन ऐसा आएगा , पुछेंगे बच्चे कौन थी गौरेया एक दिन ऐसा आएगा , पुछेंगे बच्चे कौन थी गौरेया
काट पंख, गिद्धों के अब गौरैयों को आज़ादी से उड़ना होगा आधी आबादी के सम्मान का तब सच सारा सपना होगा। काट पंख, गिद्धों के अब गौरैयों को आज़ादी से उड़ना होगा आधी आबादी के सम्मान का त...
मन को मिलता सुकून लोग सुकून के लिए क्या कुछ नहीं करते मन को मिलता सुकून लोग सुकून के लिए क्या कुछ नहीं करते
भूरी, मटमैली प्यारी छोटी गौरैया, मेरे बचपन की नटखट छोटी चिरैया। भूरी, मटमैली प्यारी छोटी गौरैया, मेरे बचपन की नटखट छोटी चिरैया।